अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि गले में जलन क्यों होती है और इसका इलाज क्या है? गले में जलन एक आम समस्या है, जो एसिडिटी, गले के इंफेक्शन, एलर्जी, प्रदूषण या सूखी हवा के कारण हो सकती है। इस समस्या के कारण खाना-पीना, बोलना और रोज़मर्रा के काम करना तक मुश्किल हो जाता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या लंबे समय तक परेशान कर सकती है।
इस ब्लॉग में हम गले में जलन के मुख्य कारणों को आसान भाषा में समझेंगे और इसके प्रभावी इलाज के बारे में बताएँगे। साथ ही, आपको सुरक्षित घरेलू उपाय, डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार और यह भी जानने को मिलेगा कि कब ENT डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है। यह लेख आपकी समस्या को समझने और सही समाधान तक पहुँचने में मदद करेगा।
गले में जलन क्या है?
गले में जलन का कोई भी व्यक्ति को एक अजीब सी स्थिति है जिसमें गले के अंदर जलन, चुभन या कुछ गर्माहट जैसा ही अनुभव किया जाता है। बहुत से लोग इसे हल्की खराश समझकर दूर कर देते हैं लेकिन अगर जलन बार बार हो या ज्यादा दिनों तक रही हो तो यह कोई अंदरूनी मुश्किल का संकेत हो सकता है। जब लोग गले में जलन के कारण और उपचार के बारे में पूछते हैं तो सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि यह कैसे और क्यों हो रही है।
आमतौर पर जब गले की अंदरूनी परत में जलन या कुछ सूजन आ जाती है – तो यह स्थिति होती है जिसमें गले में जलन हो सकती है – यह जलन एसिड रिफ्लक्स, वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन, एलर्जी, धुएं-धूल के कारण वाली हवा या ज्यादा मसालेदार खाना खाने से हो सकती है। थोड़े लोगों के मामले में गले में जलन के साथ खांसी, निगलने में तकलीफ, भारीपन अक्सर भारीपन याजान बोलने की आवाज़ में परिवर्तन भी दिखाई देते हैं। इसलिए गले में जलन को हल्के में न आना चाहिए और उसके सही कारण को समझ कर ही इलाज की शुरुआत करें।
गले में जलन क्यों होती है?
यह समझना बहुत जरूरी है कि गले में जलन का कारण क्या है और इसका इलाज कैसे हो सकता है, क्योंकि सही कारण पता चलने पर तभी कामयाब उपचार संभव है। गले में जलन एक सामान्य समस्या है , जिसके लिए अलग-अलग कारण हो सकते हैं। नीचे मुख्य कारणों के बारे में बताया जा रहा है जो एनटी के भी विशेषज्ञ मानते हैं।
1. एसिडिटी और GERD
गले में जलन का सबसे आम कारण एसिडिटी या GERD है। यह एक ऐसी स्थिति है जहां पेट का एसिड ऊपर की ओर गले तक आ जाता है और गले की अंदरूनी परत में जलन और खराश शुरू हो जाती है। खासतौर पर रात के समय, मसालेदार खाना खाने के बाद या खाली पेट पर्याप्त देर रहने पर यह समस्या और भी बढ़ जाती है ।
2. वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन
सर्दी, खांसी, फ्लू, टॉन्सिलाइटिस या गले का इंफेक्शन भी गले में जलन का कारण बन सकता है। इंफेक्शन की वजह से गले की सूजन बढ़ जाती है और निगलने में दर्द, जलन और खराश महसूस होने लगती है। बच्चों और बुज़ुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
3. पोस्ट नेज़ल ड्रिप
एलर्जी, साइनस या नाक की समस्या के कारण नाक से बलगम निकलकर गले में गिरता है, जिसे पोस्ट नेज़ल ड्रिप कहा जाता है। इससे लगातार गले को इरिटेट किया जाता है और जलन, खांसी और भारीपन महसूस होता है।
4. एलर्जी और प्रदूषण
धूल, धुआँ, पराग कण, धूम्रपान या प्रदूषण भरी हवा गले की नाज़ुक परत को नुकसान पहुँचा सकती है। इसके कारण गले में जलन, सूखापन और बार-बार खराश हो सकती है। शहरों में रहने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा पाई जाती है।
5. सूखी हवा और शरीर में पानी की कमी
सर्दियों के मौसम में या लंबे समय तक AC में रहने से हवा सूखी हो जाती है और गला सूखने लगता है। इसके अलावा, पर्याप्त पानी न पीने से भी गले में जलन और असहजता हो सकती है।
6. दवाइयों का साइड इफेक्ट
कुछ दवाइयाँ जैसे पेनकिलर, एंटीबायोटिक्स या एलर्जी की दवाइयाँ गले में जलन पैदा कर सकती हैं, खासकर अगर इन्हें खाली पेट लिया जाए।
गले में जलन के लक्षण
गले में जलन के कारण समझने के लिए, तो सबसे पहले इसके लक्षणों पर भी एक नज़र डालना बहुत जरूरी होता है. लोग जब गले में जलन के बारे में सोचते हैं और इसका इलाज क्या है , तो असली जटिलता यह है की यह लक्षण व्यक्ति से व्यक्ति अलग हो सकते हैं और इन्हें पैदा करने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं – एसिडिटी इंफेक्शन या एलर्जी जैसी बातें हैं .
गले में जलन के आम लक्षण क्या हो सकते हैं?
- गले में लगातार जलन का एहसास, या ऐसा ही लगे इसमें जलने का अहसास
- निगलते समय दर्द महसूस होना या गले में कोई परेशानी होना
- गले में सूखापन या खराश का एहसास होना, जिसे कभी-कभी सिर्फ सूखापन कहा जाता है
- बार-बार खाँसी आना, खासकर रात को या सुबह के समय , या जैसे ही आप जागते हैं खाँसी में ही अफादा होना , बार- बार खांसी आना।
- आवाज़ बैठना या बोलते समय अपनी आवाज़ जैसे भारीपन महसूस होना
- गले में बलगम फँसा हुआ लगना (Post Nasal Drip) यानी की लगता है कि गले में कुछ लगा हुआ है – और बार- बार ही बाहर निकालने की कोशिश करते हो
- सीने में जलन महसूस होना या खट्टा पानी आना, खासकर एसिडिटी के समय में
डॉक्टर संजय तेज़ा के अनुसार सही इलाज
गले में जलन आम तौर पर परेशान करने वाली समस्या है। डॉ संजय तेज़ा जो ENT विशेषज्ञ हैं, कहते हैं कि सही इलाज के लिए सबसे पहले कारण को समझना जरूरी है। गले में जलन अक्सर एसिडिटी के कारण नहीं होती है , बिल्कुल नहीं , यह केवल वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन, एलर्जी, पोस्ट नेज़ल ड्रिप, या सूखी हवा के कारण होती है। सही निदान के बिना इलाज अस्थायी राहत का केवल सहारा है।
1. बेसिक्स – मेडिकल डायग्नोसिस और ENT चेकअप
डॉ.तेज़ा की सलाह है कि अगर गले में जलन लगातार बनी रहती है , तो जरूर ENT डॉक्टर से जांच कराएं। इसमें गले का फिजिकल टेस्ट होगा और अगर जरूरत हो तो एंडोस्कोपी और अन्य अतिरिक्त प्रयोगशाला टेस्ट भी हो सकते है। इससे यह पता चलता है कि जलन की वास्तविक वजह क्या है। क्या यह एसिड रिफ्लक्स है, बैक्टीरियल इंफेक्शन या एलर्जी है या कोई अन्य गंभीर समस्या तो पता चलता है।
2. जीवनशैली और डाइट की बदलाव की जरूरत
गले में जलन को नहीं धकेलकर इलाज करना है , बल्कि यह जीवनशैली और डाइट को संचालित करना है। डॉ. तेज़ा कहते हैं:
- तेज खाने से बचें , मसालेदार और तैलीय भोजन के लिए भी तुरंत ही एक ब्रेक लें ।
- दिन में छोटे आधार और हल्के भोजन का सेवन करें।
- सूने समय सिर को थोड़ा ऊंचा करवाएं।
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं , जितना हो सके दूर रहें ।
3. दवा और मेडिकल ट्रीटमेंट
गंभीर मामलों में डॉ.तेज़ा **एन्टासिड, एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड नेजल स्प्रे जैसे कई प्रकार की दवाइयां ** सुझाते हैं। ये दवाएँ गले की जलन को कम करती हैं और तुरंत लक्षणों की राहत देती हैं।
4. फॉलो‑अप और लॉन्ग‑टर्म प्रबंधन
डॉ. संजय तेज़ा की सलाह है कि गले में जलन के बार बार होने पर नियमित फॉलो-अप की जरूरत होती है। इससे समय रहते GERD या अन्य कॉन्टिन्यूअस समस्या का पता चल जाता है और समय रहते मैनेज भी किया जा सकता है।
गले की जलन के घरेलू उपाय
जब कोई भी यह जानना चाहता है कि गले में जलन क्यों होती है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है, तो लोग सबसे पहले घरेलू उपाय खोजते हैं जो सुरक्षित और आसान हों। हल्की या शुरुआती जलन के लिए कुछ घरेलू उपाय गले को अच्छी तरह से आराम पहुँचा सकते हैं, खासकर जब जलन एसिडिटी, हल्के इंफेक्शन या सूखे गले के कारण हो।
1. गुनगुने नमक पानी से गरारे करें
दिनभर में 2 से 3 बार पानी में थोड़ा नमक मिलाकर गरारे करने से गले की सूजन कम हो सकती है और जलन में आराम मिल सकता है। यह उपाय गले के बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।
2. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ
जब शरीर में पानी की कमी होती है तो गला सूखने लगता है और जलन बढ़ सकती है। हाइड्रेटेड रहने के लिए दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। इससे गले की जलन धीरे-धीरे कम होती है।
3. शहद का सेवन करें
शहद गले को एक तरह का कोट पहनाता है और गरारे को शांत करता है। एक चम्मच शहद सीधे लेना या गुनगुने पानी में मिलाकर पीना भी एक अच्छा घरेलू उपाय है जिससे गले की जलन में आराम मिल सकता है।
4. भाप लें
गुनगुने पानी की भाप लेने से सूखा गला नम हो सकता है और बलगम ढीला पड़ सकता है। यह उपाय खासतौर पर सर्दी, खांसी या पोस्ट नेज़ल ड्रिप से होने वाली गले की जलन में मददगार हो सकता है।
5. तीखा या तला हुआ भोजन न खाएं
यदि गले की जलन कारण एसिडिटी या GERD हो रही है, तो मसालेदार, तला हुआ और बहुत खट्टा भोजन खाने से गले में जलन और बढ़ सकती है। ऐसे में हल्का और पचाने में आसान भोजन लेना एक अच्छा विकल्प है।
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निष्कर्ष
अब आप समझ चुके हैं कि गले में जलन क्यों होती है और इसका इलाज क्या है। यह समस्या अक्सर एसिडिटी, गले के इंफेक्शन, एलर्जी, सूखी हवा या गलत खान-पान की आदतों के कारण होती है। शुरुआती अवस्था में गले की जलन का घरेलू इलाज और जीवनशैली में छोटे बदलाव काफी राहत दे सकते हैं। लेकिन अगर जलन बार-बार हो, लंबे समय तक बनी रहे या दर्द के साथ हो, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। सही समय पर कारण की पहचान और उचित इलाज बहुत ज़रूरी है। ENT विशेषज्ञ की सलाह लेने से गले की जलन का सुरक्षित और प्रभावी उपचार संभव होता है। सही जानकारी और देखभाल से इस समस्या से पूरी तरह राहत पाई जा सकती है।
Frequently Asked Questions
1. गले में जलन क्यों होती है?
गले में जलन आमतौर पर एसिडिटी (GERD), गले के वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन, एलर्जी, धूल-प्रदूषण या सूखी हवा के कारण होती है। कुछ मामलों में धूम्रपान और गलत खान-पान भी इसकी वजह बनते हैं।
2. क्या एसिडिटी से गले में जलन हो सकती है?
हाँ, एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स गले में जलन का सबसे आम कारण है। पेट का एसिड ऊपर गले तक आने से गले की अंदरूनी सतह में जलन और खराश महसूस होती है।
3. गले की जलन का सबसे आसान घरेलू इलाज क्या है?
गुनगुने नमक पानी से गरारे करना, पर्याप्त पानी पीना, शहद का सेवन और भाप लेना गले की जलन में राहत दे सकता है। ये उपाय हल्की और शुरुआती समस्या में अधिक प्रभावी होते हैं।
4. गले में जलन होने पर कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर गले की जलन एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे, बार-बार हो, निगलने में दर्द हो या आवाज़ बैठ जाए, तो ENT डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।
5. क्या एलर्जी से भी गले में जलन होती है?
हाँ, एलर्जी के कारण पोस्ट नेज़ल ड्रिप होती है, जिससे गले में जलन, खराश और खांसी हो सकती है। ऐसे मामलों में सही एलर्जी ट्रीटमेंट जरूरी होता है।

